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CISCE Date Sheet 2023: जारी हुई 10वीं और 12वीं की परीक्षा की डेटशीट, 13 फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम

ISC & ICSE Date Sheet 2023 Released: सीआईएससीई (CISCE) बोर्ड के छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है

ISC & ICSE Date Sheet 2023 Released: सीआईएससीई (CISCE) बोर्ड के छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है। उनके एग्जाम की डेटशीट आ गई है। बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के आईएससी (ISC) और आईसीएसई (ICSE) परीक्षा 2023 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। जो भी कैंडीडेट आईएससी और सीआईएससीई बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं, वह आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डेटशीट चेक कर सकते हैं। आईएससी की 12वीं के एग्जाम 13 फरवरी और 10वीं के एग्जाम 27 फरवरी से शुरू होंगे।

यहां देख सकते हैं डेटशीट

डेटशीट का पूरा शेड्यूल जानने के लिए काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की ऑफिशियल वेबसाइट cisce.org पर जा सकते हैं। आईसीएसई के दसवीं के पेपर 27 फरवरी से 29 मार्च तक होंगे। आईएससी 12वीं के एग्जाम 13 फरवरी से 31 मार्च तक चलेंगे। बोर्ड के बाद अब स्कूलों में भी परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा।

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बोर्ड ने एग्जाम के लिए जारी किये दिशानिर्देश

बोर्ड ने डेट शीट के साथ ही परीक्षा को लेकर कुछ नियम भी जारी किये हैं। इसके लिए स्कूलों में बकायदा नोटिस भी जारी किया है। स्टूडेंट्स को मुद्रा बोर्ड एग्जामिनेशन हॉल में परीक्षा से पांच मिनट पहले बैठ जाना होगा। यानी आपको एग्जाम सीट पर एक तरह से 15 मिनट पहले बैठना होगा क्योंकि आपको आंसर शीट पर अपनी डिटेल देनी होगी। लेट होने पर एग्जामिनर को बताना होगा। आधे घंटे से ज्यादा लेट होने पर एग्जाम में नहीं बैठ सकते। ये सिर्फ स्पेशल केस में ही आपको इजाजत दी जाएगी। आप पेपर्स से मुद्रा बोर्ड जुड़ी सभी जानकारी वेबसाइट के जरिये ले सकते हैं।

MoneyControl News

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First Published: Dec 02, 2022 8:57 AM

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पाकिस्तान में मुद्रा संकट की समस्या गहराई

जापान के शीर्ष ब्रोकरेज और निवेश बैंक नोमुरा होल्डिंग्स ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान, मिस्र, रोमानिया, श्रीलंका, तुर्की, चेक गणराज्य और हंगरी में मुद्रा संकट का जोखिम है.

जियो न्यूज ने बताया कि जापानी बैंक ने कहा कि उसके इन-हाउस डैमोकल्स चेतावनी प्रणाली द्वारा कवर किए गए 32 देशों में से 22 में मुद्रा जोखिम में वृद्धि देखी है. चेक गणराज्य और ब्राजील में जोखिम की आशंका में वृद्धि हुई है.

जियो न्यूज के मुताबिक नोमुरा के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि जुलाई 1999 के बाद से जोखिम की दर सबसे अधिक हो गई है. यह अशुभ संकेत है.

1996 के बाद से नोमुरा का अनुमान है कि 100 मुद्रा बोर्ड से ऊपर का स्कोर अगले 12 महीनों में मुद्रा संकट की 64 प्रतिशत संभावना को दर्शाता है.

जिओ न्यूज ने अनुमानों का हवाला देते हुए बताया कि मिस्र, जिसने पहले ही इस साल अपनी मुद्रा का दो बार भारी अवमूल्यन किया है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कार्यक्रम की मांग की है, अब 165 के सबसे खराब स्कोर पर है.

डिफॉल्ट से त्रस्त श्रीलंका और तुर्की दोनों ने 138 का स्कोर बनाया, जबकि चेक गणराज्य, पाकिस्तान और हंगरी ने क्रमश: 126, 120 और 100 का स्कोर बनाया.

'मुद्रा नीति'

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज मुद्रा बोर्ड ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि न तो बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के प्रति उनकी नीति बदली है और न ही उनकी पार्टी का झंडा बदला है. मनसे इस साल जनवरी में अपना नया झंडा सामने लेकर आई थी जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज की राजकीय मुहर है जिसे ‘राज मुद्रा’ कहा जाता है. उस समय कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में उनके भाषण से मनसे के कट्टर हिंदुत्व राजनीति की ओर उन्मुख होने का संकेत भी मिला था.

जानकारों के अनुसार मुद्रा बोर्ड अगर ऐसा होता है तो यह जहां एक तरफ आरबीआई (RBI) और केंद्र सरकार के बीच तनातनी को और बढ़ाएगा वहीं भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में निवेशकों के विश्वास को भी कम कर सकता है. केंद्र सरकार (Central Government) ने सिफारिश की है कि आरबीआई बोर्ड के मसौदे के नियम वित्तीय स्थिरता, मौद्रिक नीति संचरण और विदेशी मुद्रा प्रबंधन सहित अन्य कार्यों की निगरानी के लिए पैनल स्थापित करने में सक्षम हैं.

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कड़ी मौद्रिक नीति के चलते 2018-19 में भारत की वृद्धि दर के अपने पहले के पूर्वानुमान को हल्का कम करने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत की वृद्धि दर भविष्य में काफी मजबूत रहेगी. आईएमएफ ने सोमवार को 2018 में भारत की वृद्धि दर 7.3% रहने और 2019 में 7.5% रहने का अनुमान जताया जो उसके अप्रैल में जताए गए अनुमान से क्रमश : 0.1% और 0.3% कम है.

विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के प्रमुखों का तीन दिवसीय सम्मेलन दिल्ली में आज शुरू होगा. इसमें देश की विदेश नीति की प्राथमिकताओं और अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. दूतों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ भी एक बैठक होने की उम्मीद है.भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 22 जून को समाप्त हुए सप्ताह को उससे पिछले सप्ताह के मुकाबले 2.25 अरब डॉलर घट गया है. मुंबई के घाटकोपर में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक चार्टर्ड विमान की सह पायलट के पति ने पूछा कि खराब मौसम के बावजूद उड़ान को मंजूरी किसने दी और क्या विमान उड़ने के लिए फिट था. सूरत मुद्रा बोर्ड के एक किसान ने भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन को गुजराज उच्च न्यायालय में आज चुनौती दी है. इन खबरों के अलावा देश-दुनिया के राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत के समाचार इसी एक पेज पर जानें.

'द वॉल स्ट्रीट जरनल' में शुक्रवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन की सराहना की और केवल अनिच्छा से अमेरिकी खुफिया विभाग के इस निष्कर्ष को स्वीकार किया कि रूसी हैकरों ने पुतिन के आदेश पर अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप किया.

आम आदमी भारतीय रिज़र्व बैंक, यानी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया या आरबीआई का नाम दो मुद्रा बोर्ड ही मौकों पर पढ़ पाता है. एक मौका होता है, जब वह मौद्रिक नीति की समीक्षा मुद्रा बोर्ड या प्रमुख ब्याज दरों रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट आदि में बदलाव से जुड़ी ख़बरें अख़बारों में पढ़ता है, और दूसरा मौका उसे लगभग रोज़ मिलता है, जब भी वह जेब में हाथ डालकर कोई करेंसी नोट निकालता है.

इस समय युद्ध के नफे नुकसान, उसकी नीति अनीति और उसके इतिहास भूगोल पर खुलकर चर्चाएं हो रही हैं. एक सभ्य समाज के लिए इससे अच्छी और क्या बात हो सकती है. वैसे अब तो तेज तर्रारी की मुद्रा बनाकर सत्ता में आई सरकार भी सोच समझकर, सही समय पर सही कार्रवाई की बात करने लगी है.

भारतीय रिज़र्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन से जब एक इंजीनियरिंग की छात्रा ने पूछा कि डोसे के दाम क्यों नहीं कम होते तो जवाब क्या मिला..जानने के लिए आगे पढ़िए..

आईएमएफ के मुताबिक, तेल के दाम गिरना अगर ऐसा ही जारी रहा और सरकार अपनी मौजूदा आर्थिक नीति से ही चिपकी रही, तो सऊदी अरब की आर्थिक संपदा जल्द ही खत्म हो सकती है।

शेयर बाजार में अगले सप्ताह कंपनी की ओर से घोषित किए जाने वाले तिमाही परिणामों, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की चाल और डॉलर के मुकाबले रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव रहेगा।

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और भारत

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और भारत |अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का गठन उद्देश्य | IMF Works and Aim in Hindi

उत्तर- एक अन्तर्राष्ट्रीय मौद्रिक संगठन के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना 27 दिसम्बर , 1945 को वेटनवुड सम्मेलन निर्णयानुसार की गई थी , लेकिन इसने वास्तविक रूप में 1 मार्च , 1947 से कार्य प्रारम्भ किया था। दिसम्बर 2002 तक अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में 188 सदस्य देश हैं। जुलाई 2002 में पूर्वी तिमोर नया सदस्य बना। रोड्रियो राटो के स्थान पर फ्रांस . के डोमनिकस्ट्रांस काहन क्रिस्टीना लगार्ड (फ्रांस की वित्तमंत्री) को अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रबन्ध निर्देशक चुना गया था।

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के उद्देश्य

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के समझौता अनुच्छेदों के अनुसार इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं

1. अन्तर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को प्रोत्साहित करना ।

2. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का सन्तुलित विकास करना ।

3. विनिमय दरों में स्थिरता बनाए रखना।

4. बहुपक्षीय भुगतानों की व्यवस्था स्थापित करके विनिमय प्रतिबंधों को समाप्त करना अथवा कम करना ।

5. सदस्य देशों के प्रतिकूल भुगतान सन्तुलन को ठीक करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना ।

6. असन्तुलन की मात्रा एवं अवधि में कमी करना ।

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का गठन

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का नियंत्रण एवं प्रबंध एक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में निहित है। प्रत्येक सदस्य देश एक गवर्नर को मनोनीत करता है , जिन्हें मिलाकर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन होता है। प्रत्येक गवर्नर को कितना मताधिकार प्राप्त हो , यह उसके देश के प्राप्त कोटा के आधार पर निर्भर करता है। प्रत्येक गवर्नर के 250 मत सदस्यता का तथा उसके देश को प्राप्त कोटे में प्रत्येक एक लाख एस. डी. आर. पर एक अतिरिक्त मत देने का अधिकार है। इन दोनों के योग से सदस्य राष्ट्र का मताधिकार का मूल्य निर्धारित होता है।

अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और भारत

भारत का IMF से घनिष्ठ संबंध मुद्रा बोर्ड रहा है। उसकी नीति निर्माण एवं संचालन में भारत निरन्तर योगदान देता रहा है। वित्त मंत्री अन्तर्राष्ट्रीय मुद्राकोष का पदेन गवर्नर होता है। 1970 तक भारत अधिकतम अभ्यासों वाले प्रथम पाँच देशों मुद्रा बोर्ड में से था , लेकिन अब भारत का 11 वाँ स्थान है। भारत का मौजूदा कोटा कोष के कुल 212 अरब SDR में से 2.44% शेयर इसे मिले हुए हैं।

इस प्रकार अन्तर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को प्रोत्साहित तथा अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को सन्तुलित करने वाली यह संस्था विश्व स्तर पर प्रासंगिक है।

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