शेयर ट्रेडिंग

Unlisted Shares क्या होते है?

Unlisted Shares क्या होते है?
  • प्रसिद्ध कंपनियों की सहायक कंपनियां है। मुख्यतः ये सहायक कंपनियां मूल कंपनी के भाग होते है, जैसे एचडीएफसी सिक्योरिटीज अनलिस्टेड स्टॉक्स है परन्तु यह एचडीएफसी बैंक का हिस्सा है।
  • अन्य प्रकार के अनलिस्टेड कंपनियां जो मुख्यतः वित्तीय, तकनिकी या संचार आदि क्षेत्र में शामिल है जैसे ड्रीम 11 कंपनी शामिल है।

गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर में निवेश करने की जानकारी।

दोस्तों, आप शेयर बाजार में शेयर या स्टॉक कई बार ख़रीदा या बेचा है, लेकिन क्या आप जानते है कि शेयर बाजार में विभिन्न कम्पनियाँ सूचीबद्ध कैसे होती है ? आप कौन से मार्किट या स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) से शेयर खरीद या बेच सकते है ? आईये इसका उत्तर जानते है।

किसी भी शेयर या स्टॉक का क्रय या विक्रय प्रतिभूति बाज़ार (Security Market) के अंतर्गत आता है और प्राथमिक बाज़ार (Primary Market) और द्वितीयक बाज़ार (Secondary Market) इसके दो प्रकार है। प्रतिभूति बाज़ार में एनएसई या बीएसई दो प्रसिद्ध स्टॉक एक्सचेंज है। कोई भी कंपनी आईपीओ (IPO) के माध्यम से शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध होता है और निवेशक प्राथमिक बाज़ार से कंपनी के शेयर सीधे खरीदते है। जब कंपनी द्वितीयक बाज़ार में सूचीबद्ध हो जाता है तो निवेशक या ट्रेडर्स उसके शेयर आपस में खरीदते या बेचते है।

क्या अपने गैर सूचीबद्ध स्टॉक (Unlisted Stock) के बारें में सुना है ? गैर सूचीबद्ध कंपनी के शेयर को कैसे खरीद सकते है, कहाँ खरीद सकते है ? आईये गैर सूचीबद्ध स्टॉक के बारें में विस्तार से समझते है।

स्टॉक या शेयर जो आधिकारिक तौर पर शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध नहीं है, इन्हे अनलिस्टेड स्टॉक कहते है। साधारणतः स्टार्टअप या नयी कंपनी यह व्यवसाय इस श्रेणी में आते है, जिसमे इंस्टीटूशनल निवेशक या वेंचर कैपिटल आदि निवेश करते है। यह प्रक्रिया सूचीबद्ध कंपनी के शेयर खरीदने जितना आसान होता है।

स्टॉक या शेयर जो आधिकारिक तौर पर शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध नहीं है, इन्हे अनलिस्टेड स्टॉक कहते है। साधारणतः स्टार्टअप या नयी कंपनी यह व्यवसाय इस श्रेणी में आते है, जिसमे इंस्टीटूशनल निवेशक या वेंचर कैपिटल आदि निवेश करते है। यह प्रक्रिया सूचीबद्ध कंपनी के शेयर खरीदने जितना आसान होता है।

आईये एक कंपनी "Y" का उदाहरण लेते है। "Y" एक स्टार्टअप कंपनी है और यह किसी भी स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई या बीएसई) में सूचीबद्ध नहीं है। इस कंपनी के स्टॉक को अनलिस्टेड स्टॉक (unlisted stock) कहते है। यदि निवेशक को कंपनी "Y" का व्यावसायिक पद्धति पसंद आता है और उन्होंने कंपनी "Y" में अपने पैसे निवेश करके उस कंपनी के शेयर खरीदते है तो ऐसे स्टॉक को अनलिस्टेड स्टॉक कहते है।

रिलायंस रिटेल, ओला, लावा अदि प्रसिद्ध अनलिस्टेड स्टॉक के उदाहरण है। ये कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में आधिकारिक रूप से पंकजीकृत नहीं है लेकिन ट्रेडर्स इस कंपनियों में ट्रेड करते है। एक निवेशक या ट्रेडर्स के रूप में, यदि आप भी स्टार्टअप कंपनियों में निवेश करना चाहते है तो अनलिस्टेड स्टॉक एक अच्छा विकल्प है।। आईये जानते है की अनलिस्टेड स्टॉक्स या शेयर में कैसे निवेश करे।

अनलिस्टेड स्टॉक्स लिस्ट्स

आपके मन में एक प्रश्न उठ रहा है कि यदि अनलिस्टेड स्टॉक्स एनएसई या बीएसई स्टॉक एक्सचेंज में पंजीकृत नहीं है तो ऐसे स्टॉक्स कैसे ख़रीदे ?

इसका उत्तर है कि अनलिस्टेड स्टॉक्स आप किसी ब्रोकर्स कंपनियों से खरीद सकते है, जैसे Unlisted Zone, Unlisted deals, Buy Sell Unlisted Shares आदि। इसके अलावा अन्य ब्रोकर का सूचि आपको इंटरनेट के माध्यम से मिल जायेगा।

अनलिस्टेड स्टॉक्स कि श्रेणी में भिन्न-2 प्रकार के कंपनियां शामिल है जो निम्नलिखित है।

  • प्रसिद्ध कंपनियों की सहायक कंपनियां है। मुख्यतः ये सहायक कंपनियां मूल कंपनी के भाग होते है, जैसे एचडीएफसी सिक्योरिटीज अनलिस्टेड स्टॉक्स है परन्तु यह एचडीएफसी बैंक का हिस्सा है।
  • अन्य प्रकार के अनलिस्टेड कंपनियां जो मुख्यतः वित्तीय, तकनिकी या संचार आदि क्षेत्र में शामिल है जैसे ड्रीम 11 कंपनी शामिल है।

अनलिस्टेड स्टॉक्स में कैसे इन्वेस्ट करें

यदि आप भी अन्य निवेशक की तरह अनलिस्टेड शेयर में निवेश करना चाहते है, तो बहुत से माध्यम है जिसके द्वारा आप गैर सूचीबद्ध शेयर में निवेश कर सकते है।

स्टार्टअप से शुरू करें

आप किसी स्टार्टअप कंपनी के शेयर में निवेश करके शुरुवात कर सकते है। स्टार्टअप और छोटी कंपनियां शेयर की बिक्री की गारंटी नहीं देती हैं। स्टार्टअप कंपनी जल्दी और अग्रिम भुगतान करने के लिए पैसे की मांग करती है और ट्रेड के दिन से तीन दिन बाद ही डिलीवरी होती है। इसे आम तौर पर टी+3 डिलीवरी कहा जाता है।

ईसॉप शेयर

ईसॉप शेयर एक अनलिस्टेड स्टॉक है, इस शेयर को खरीदने की अनुमति सिर्फ कंपनी के आंतरिक कर्मचारियों को होता है। ईसॉप Unlisted Shares क्या होते है? शेयर भी अन्य शेयर बाजार के शेयर के सामान होता है। एक ब्रोकर आपके लिए सही अनलिस्टेड स्टॉक खोजने में आपकी मदद कर सकता है।

प्रमोटर्स

आप गैर सूचीबद्ध शेयर में निवेश करना चाहते है तो आप सीधे प्रोमोटर्स (Promotors) से खरीद सकते है। कई निवेश बैंक और निजी प्लेसमेंट निजी या नॉन-लिस्टेड शेयरों को खरीदने में मदद प्रदान कर सकते हैं।

अपने सूचीबद्ध और गैर सूचीबद्ध स्टॉक/शेयर के बारें और उसके अंतर को विस्तृत रूप से समझा। इसके साथ साथ अनलिस्टेड स्टॉक को कैसे ख़रीदे सकते है, कौन -2 से माध्यम से खरीद सकते है इसके बारें में जानकारी हासिल किये।

सिक्योरिटी मार्किट (Security Market) में ऐसे कई तरीके हैं जहा आप एक गैर-सूचीबद्ध स्टॉक खरीद सकते हैं। जैसे स्टार्टअप के शेयर, ईसॉप शेयर और प्रमोटर्स के शेयर को खरीद कर गैर सूचीबद्ध शेयर को खरीद सकते है।

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Buy Unlisted shares |अनलिस्टेड शेयर कैसे खरीदें

जैसे-जैसे अधिक से अधिक कंपनियां लंबे समय तक निजी रहना पसंद करती हैं, रिटेल कंपनी के अल्ट्रा ग्रोथ स्टेज से चूक जाता है। सूचीबद्ध होने से पहले निजी कंपनियों का मूल्यांकन कई गुना बढ़ जाता है। आप लहर की सवारी करते हैं।

बड़ी निजी इक्विटी

किसी भी नए स्टार्टअप की सफलता तब मापी जाती है जब वे सार्वजनिक होने में सक्षम होते हैं। खुदरा निवेशक केवल अधिकतम निवेश कर सकता है। 2 लाख रु. आवेदन जबकि उनके पास निवेश करने के लिए कहीं अधिक पैसा है। भारत में प्राइवेट इक्विटी 2 करोड़ से शुरू होती है। वह पहले से ही 2 लाख बनाम 2 करोड़ का बड़ा अंतर है।

यही कारण है कि IPOINVEST खुदरा निवेशकों के लिए उन कंपनियों में निवेश करने के अवसर तलाश रहा है जो अल्पावधि से मध्य अवधि में शेयर बाजार में उतरने वाली हैं।buy unlisted shares online

निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि क्या है?
निवासी व्यक्तियों के लिए – टिकट का आकार 25,000 रुपये से शुरू होता है। एनआरआई के लिए, टिकट का आकार 1,00,000 रुपये से शुरू होता है

क्या कोई सेवा शुल्क है?
हम लोगों को सलाह देते हैं कि एक ही स्टॉक में सारा पैसा न लगाएं और पोर्टफोलियो में विविधता लाकर जोखिम का प्रबंधन करें। हम एक निवेशक को सही मात्रा के साथ सही स्टॉक चुनने में मदद करने के लिए मॉडल पोर्टफोलियो प्रदान करते हैं।

क्या मुझे DMAT खाते की आवश्यकता है?
हां, क्योंकि शेयर आपके डीमैट खाते में ही ट्रांसफर किए जाएंगे।

मेरे खाते में स्टॉक कब दिखाई देंगे?
सप्ताहांत या किसी सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर T+1 दिन।

मेरे द्वारा खरीदे गए स्टॉक को बेचने के लिए सामान्य समय सीमा क्या है?
ऑफलाइन ट्रेडिंग के मामले में कोई लॉक इन पीरियड नहीं है। यदि निवेशक एक्सचेंज पर बेचना चाहता है तो स्टॉक के सूचीबद्ध होने के बाद 6 महीने से 1 साल की लॉक इन अवधि होती है। अगर वे बाहर निकलना चाहते हैं तो हम निवेशकों को अपने शेयर ऑफलाइन बेचने में मदद करते हैं।

क्या मैं शेयरों पर लाभांश, स्टॉक स्पिल्ट, बोनस और एक्स-बोनस के लिए पात्र हूं?

बिल्कुल। एक शेयरधारक के रूप में, आप सभी अधिकारों के हकदार हैं।

असूचीबद्ध स्टॉक खरीदने के लिए हमसे कैसे जुड़ें
-आप हमें सीधे +91 8750453028 पर कनेक्ट कर सकते हैं | या आप हमें ईमेल भेज सकते हैं – [email protected] | या आप हमें हमारे फेसबुक पर संदेश भेज सकते हैं – https://www.facebook.com/Ipoinvest/

असूचीबद्ध स्टॉक खरीदने के लिए आवश्यक Unlisted Shares क्या होते है? दस्तावेज
– पैन कार्ड
– क्लाइंट मास्टर रिकॉर्ड (आप इसे अपने ब्रोकर प्लेटफॉर्म पर पा सकते हैं या आप अपने ब्रोकर से अपनी सीएमआर कॉपी भेजने के लिए कह सकते हैं)

IPO Invest पर असूचीबद्ध शेयरों(Unlisted shares) को खरीदने की प्रक्रिया नीचे देखें।

1. आप ट्रेडिंग मूल्य पर हमारे साथ असूचीबद्ध शेयरों की बुकिंग की पुष्टि करते हैं।
2. यदि आप सीएमआर कॉपी में उल्लिखित बैंक खाते से धनराशि स्थानांतरित नहीं कर रहे हैं तो आप पैन कार्ड और रद्द किए गए चेक के साथ अपनी क्लाइंट मास्टर रिपोर्ट (दलाल उपलब्ध नहीं होने पर पूछें) प्रदान करें। ये सेबी के नियमों के अनुसार आवश्यक केवाईसी दस्तावेज हैं।
3. हम बैंक विवरण प्रदान करेंगे।
4. आपको उस खाते में धनराशि स्थानांतरित करने की आवश्यकता है।
5. भुगतान आरटीजीएस/एनईएफटी/आईएमपीएस चेक ट्रांसफर में करना होगा। कोई नकद जमा नहीं।
6. भुगतान उसी खाते से करना होता है जिसमें शेयर जमा करने होते हैं।
7. यदि धन दोपहर 2 बजे से पहले जमा हो जाता है तो हम 24 घंटे में शेयरों को स्थानांतरित कर देंगे।

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क्या हैं गैर-सूचीबद्ध शेयरों में निवेश करने के खतरे?

अजीब यह है कि इन शेयरों को 'एक्सक्लूसिव' और 'प्राइवेट' के मुखौटे के साथ सीधे-सादे निवेशकों को बेचा जा रहा है.

Invest

हाल में मैं अपने बचपन के एक दोस्त के घर पहुंचा. उसने मुझे निवेश पर कुछ सलाह लेने के लिए बुलाया था. उसके इक्विटी निवेश को देखकर मैं दंग रह गया. निवेश तो काफी ज्यादा था, लेकिन यह पूरा का पूरा गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में था. उसके पास ओनरशिप के सभी कागज मौजूद थे. लेकिन, उसे एहसास नहीं था कि वह रिटेल इक्विटी निवेश से जुड़े दो महत्वपूर्ण पहलुओं को भूल रहा है. पहला है उचित भाव जो सार्वजनिक पारदर्शी बाजार में ही मिल सकता है. दूसरा है कभी भी इच्छा होने पर शेयरों की बिक्री की सुविधा.

अजीब यह है कि इन शेयरों को 'एक्सक्लूसिव' और 'प्राइवेट' के मुखौटे के साथ सीधे-सादे निवेशकों को बेचा जा रहा है. इन्हें इस तरह बेचा जाता है कि मानों कोई एहसान किया जा रहा हो. देश में गैर-सूचीबद्ध शेयरों की बिक्री का बड़ा बाजार बन चुका है. इसे इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए बढ़ाया जा रहा है. इसमें लोगों को कुछ ऐसा खरीदने के लिए उकसाया जाता है जो उनके लिए उपयुक्त नहीं है.

गैर-सूचीबद्ध शेयरों की खरीद-फरोख्त में कुछ भी गलत नहीं है. लोगों के छोटे समूह से निजी तौर पर पूंजी जुटाना कानूनी तरीका है. यह फाइनेंसिंग बिजनेस का अहम हिस्सा है. एंजेल इंवेस्टिंग और वेंचर फंडिंग ऐसी शेयर बिक्री के खास मामले हैं.

ऐसे शेयर रखने वालों के लिए दूसरों को निजी तौर पर बेचने में भी कुछ गलत नहीं है. अगर दो पार्टियां बिजनेस के अंदर की बातें समझकर फैसला करती हैं तो वह बिल्कुल ठीक है. लेकिन, अगर पीपीएफ और सिप में पैसा लगाने वाले निवेशकों को ऐसे शेयर बेचे जाते हैं तो कुछ गड़बड़ी जरूर है.

एक और दिलचस्प पहलू है. वह यह है कि इन शेयरों को बेचने के दौरान यह नहीं बताया जाता है कि इन्हें निजी तौर पर खरीदा और बेचा जा सकता है. बजाय इसके इन शेयरों को बेचने के लिए यह दलील दी जाती है कि ये कंपनियां जल्द लिस्ट होने वाली हैं. इसके बाद इन शेयरों के भाव कई गुना बढ़ जाएंगे.

हालांकि, सच यह है कि इनमें से कई शेयर ऐसे हैं जो ESOP के तौर पर अंदर के लोगों को बेचे गए. फिर कंपनियों के IPO की योजना विफल हो गई. अब कर्मचारी इन्हें बेचने के लिए उतावले हैं. नेशलन स्टॉक एक्सचेंज और यूटीआई दो ऐसे शेयर हैं जिन्हें इस तरह बेचा जा रहा है.

दुर्भाग्यवश इन गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के छोटे खरीदार बताए गए IPO की समस्याओं और विलंब से अवगत नहीं हैं. गैर-सूचीबद्ध शेयरों की ट्रेडिंग में कुछ भी गलत नहीं है. यह बस कुछ ऐसा है जिस पर निगरानी की जरूरत है. इसके पहले कि एक अनुपयुक्त निवेश विकल्प में कई छोटे निवेशकों को गुमराह कर दिया जाए.

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इन अनलिस्टेड शेयरों में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न, ऐसे करें इनमें ट्रेडिंग

अनलिस्टेड मार्केट के जिन शेयर्स का आकर्षण बना हुआ है उनमें चेन्नई सुपर किंग्स, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज, हीरो फिनकॉर्प के नाम शामिल हैं.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - May 15, 2021 / 02:27 PM IST

इन अनलिस्टेड शेयरों में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न, ऐसे करें इनमें ट्रेडिंग

लिस्टेड मार्केट काफी रेंज बाउंड मूवमेंट रिखा रहा है , वहीं अनलिस्टेड मार्केट में तेजी का रुख है . रिलायंस रिटेल और चेन्नई सुपर किंग्स जैसे काउंटर की वजह से निवेशकों का आकर्षण अनलिस्टेड मार्केट में बढ़ रहा है.

इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (ICE), तामिलनाडु मर्केंटाइल बैंक , टाटा टेक्नोलॉजीज और HDFC सिक्यॉरिटीज के शेयर्स भी सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाले शेयरों की लिस्ट में शामिल हैं.

कुछ NBFC कंपनियों को छोड़कर , अधिकांश अनलिस्टेड शेयर निवेशकों को अपनी और खींच रहे हैं . Zomato, PolicyBazaar और फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस जैसी यूनिकॉर्न कंपनियों ( जिनकी मार्केट वैल्यू 100 करोड़ रुपये से अधिक है ) के अनलिस्टेड शेयर खरीदने के लिए निवेशक काफी पूछ ताछ भी कर रहे हैं , लेकिन अभी अनलिस्टेड मार्केट में फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस के ही शेयर उपलब्ध हैं .

अनलिस्टेड मार्केट के जिन शेयर्स का आकर्षण बना हुआ है उनमें चेन्नई सुपर किंग्स , HDB फाइनेंशियल सर्विसेज , हीरो फिनकॉर्प के नाम शामिल हैं क्योंकि इन शेयरों की कीमतों में ऊपरी स्तर से काफी करेक्शन यानी गिरावट आई है.

रिलायंस रिटेल ने दिया तगड़ा रिटर्न

हाल में अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की रिटेल कंपनी रिलायंस रिटेल के अनलिस्टेड शेयरों का भाव 1,750-1,800 रुपये की रेंज में बना हुआ है. इस हिसाब से कंपनी की वैल्यू 8 लाख करोड़ रुपये से भी ऊपर पहुंच गई है .

जनवरी 2020 से अब तक रिलायंस रिटेल के अनलिस्टेड शेयरों के भाव तीन गुना Unlisted Shares क्या होते है? बढ़ चुके हैं, वहीं एक महीने में इनसे 12% से ज्यादा रिटर्न मिला है .

चेन्नई सुपर किंग्स की धमाकेदार बैटिंग

कोविड -19 महामारी की वजह से IPL टूर्नामेंट रद्द होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के अनलिस्टेड शेयर्स में थोड़ी गिरावट आई थी और भाव 68 रुपये तक चले गए थे . लेकिन इसके भाव फिर से 71-73 रुपये की रेंज में आ गए हैं.

इस हिसाब से उसकी मार्केट वैल्यू 2,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है . 2018 में कंपनी के शेयर 14-15 रुपये में मिल रहे थे , जो 80 तक चले गए थे. इस हिसाब से 3 साल में इस काउंटर ने 400% से ज्यादा रिटर्न दिया है .

कैसे करें अनलिस्टेड मार्केट में ट्रेडिंग

प्री -IPO और अनलिस्टेड शेयरों में डीलिंग करने वाली कंपनी UnlistedArena.com के फाउंडर अभय दोशी समझाते हैं कि अगर आप अनलिस्टेड मार्केट में ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो कम से कम 40,000-50,000 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं .

अनलिस्टेड शेयर्स का लॉट साइज डीलर और स्क्रिप पर निर्भर करता है . इसमें ट्रेड करने के लिए डीलर का होना जरूरी है . डीलर की भूमिका फैसिलिटेटर की है . लिस्टेड शेयर की तरह खरीदे गए अनलिस्टेड शेयर भी आपके DP होल्डिंग्स में दिखते हैं . डीलर आपको जो भाव बताता है उसमें डीलर का कमीशन शामिल होता है .

अनलिस्टेड मार्केट लीगल है ?

हां , अनलिस्टेड मार्केट में कामकाज लीगल है . अनलिस्टेड मार्केट को प्री -IPO मार्केट भी कहा जाता है . इसमें IPO से पहले डीलिंग होती है और शेयर की वास्तविक डिलिवरी मिलती है . पेमेंट भी बैंकिंग चैनल से होता है और शेयर आपके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर होते हैं .

टैक्स भी लगता है

अनलिस्टेड शेयर यदि 2 साल तक रखे होंगे तो 10 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है और यदि कम समय के लिए ट्रेडिंग करते है तो शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स इन पर लगता है.

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